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Tuesday 9 July 2024

अब नहीं चलेगी स्कूलों की मनमानी… 2018 से अब तक की बढ़ी फीस लौटाएंगे छह निजी स्कूल, कलेक्टर की सख्ती की सबदूर चर्चा


निजी स्कूलों में फीस और किताबों में हुए भ्रष्टाचार की जांच अंतिम चरण में छह निजी स्कूलों की फीस का मूल्यांकन किया। कलेक्टर ने 2018 से 2024-25अब तक बढ़ाई गई फीस को अमान्य कर दिया है। इनमें लिटिल वर्ल्ड स्कूल कटंगा और तिलवारा, क्राइस्ट चर्च फॉर बॉयज एंड गर्ल्स (आइएससी), चैतन्य टेक्नो विद्यालय, ज्ञानगंगा आर्किड इन्टरनेशनल स्कूल, स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल विजय नगर एवं क्राइस्ट चर्च घमापुर शामिल हैं।

रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया

किताबों की मुनाफाखोरी का मामला है। मनमानी फीस वृदि्ध और किताबों में मुनाफाखोरी मामले में आरोपित न्यू राधिक बुक पैलेस के संचालकों की पुलिस रिमांड खत्म हो गई। रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया है।

फीस की राशि अभिभावकों को तत्काल लौटाएं

इन निजी स्कूलों की बढ़ी फीस काे अमान्य करने संबंधित आदेश जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी कर दिए हैं। साथ ही स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बढ़ी फीस की राशि अभिभावकों को तत्काल लौटाएं। शेष पांच निजी स्कूलों की बढ़ी फीस काे अमान्य करने और लौटाने संबंधित आदेश दो दिन के भीतर जारी हो सकता है।


11 में से छह निजी स्कूलों को 2018 से 2024-25 तक की फीस वापस करने संबंधित आदेश जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी कर दिए हैं। इन निजी स्कूलों को बढ़ी फीस अभिभावकों को लौटानी होगी। शेष पांच स्कूलों की भी जांच जल्द ही आ जाएगी।

दीपक सक्सेना, कलेक्टर, जबलपुर


15 फीसदी से अधिक फीस बढ़ाने पर राज्य सरकार को बताएं

जबलपुर के 240 से ज्यादा निजी स्कूलों में अधिकांश ने प्रशासन और राज्य सरकार को बिना जानकारी दिए फीस वृद्धि कर दी है। इनमें पहले चरण की जांच में 11 स्कूलों को लिया गया। फीस वृद्धि संबंधित नियम के मुताबिक स्कूलों को 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ाने की जानकारी अभिभावकों को देनी है। 10 से अधिक फीस बढ़ाने पर यह जानकारी जिला प्रशासन को देना अनिवार्य हैं। वहीं 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ोत्तरी की जानकारी राज्य सरकार को देना जरूरी है। इन निजी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया।

निजी स्कूलों ने नहीं किया फीस वृद्धि का मूल्यांकन

निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को लेकर जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासन ने 11 स्कूलों पर कार्रवाई के बाद 229 निजी स्कूलों से कहा है कि वे 2018 से अभी तक फीस वृद्धि का मूल्यांकन खुद करें। ऐसा न करने वाले स्कूलों का फीस मूल्याकंन प्रशासन करेगा।

दो माह पूर्व निर्देश अभी तक पालन नहीं किया गया

  • कलेक्टर ने स्वयं मूल्याकंन करने संंबंधित निर्देश दो माह पूर्व निजी स्कूलों को दिए थे।
  • जिन अभी तक पालन नहीं, कलेक्टर दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों को मौका दिया।
  • जल्द फीस का मूल्यांकन कर शिक्षा विभाग और प्रशासन को सूचित करने का निर्देश।
  • जांच में फीस वृद्धि सामने आती है तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना तय है।

जमा करें फीस, जांच के बाद बढ़ी फीस होगी वापस

जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों द्वारा फीस जमा करने संबंधित शिकायत की है, जिसके बाद कलेक्टर ने सभी अभिभावकों से कहा है कि वे अपने बच्चों की फीस स्कूलों जमा करें। बढ़ी फीस का मूल्यांकन करने के बाद जिला प्रशासन शेष बढ़ी राशि अभिभावकों को हर हाल में वापस कराएगी।

कई अभिभावक स्कूलों में फीस जमा नहीं कर रहे हैं

कार्रवाई के बीच में कई अभिभावक स्कूलों में फीस जमा नहीं कर रहे हैं, जिसकी लगातार शिकायत सामने आ रही है। इधर प्रशासन ने 11 निजी स्कूलों में 6 स्कूलों की फीस वापस करने संबंधित आदेश देने के बाद अब शेष पांच निजी स्कूलों की जांच लगभग पूरी कर ली है। इन स्कूलों को भी 2018 से अपनी फीस वापस करनी है।

इन स्कूलों से लगातार आ रही शिकायत

क्राइस चर्च स्कूल गल्स विजय नगर, जबलपुर के अभिभावकों की शिकायत सामने आई है कि प्रबंधन उनसे बढ़ी फीस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन एक मुश्त राशि में पूरे सालभर की फीस वापस करने कह रहा है। वहीं खेल व अन्य गतिविधियों के नाम पर हजारों रुपये हर माह वसूले जा रहे हैं।

यहां से भी अभिभावकों की शिकायत सामने आई है

यही हालात अधारताल लिटिल किंगडम स्कूल, क्राइस चर्च बाय और अशोक हाल, रायल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में है। यहां से भी अभिभावकों की शिकायत सामने आई है। दरअसल जिला प्रशासन ने दूसरे चरण की जांच में जिले के 60 से ज्यादा निजी स्कूलों को लिया है। इन स्कूलों के पुस्तक विक्रेताओं के साथ साठगांठ के तथ्य सामने आए हैं। इनमें उक्त स्कूल भी शामिल हैं।


रिमांड खत्म, न्यू राधिका बुक पैलेस के संचालकों गए जेल
न्यू राधिका बुक पैलेस के संचालक श्रीराम इन्दुरख्या और आलोक इन्दुरख्या को बेलबाग पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को फिर से जेल भेज दिया गया। दोनाें जेल में बंद थे। एजेंट को भी बनाया गया आरोपित-पूछताछ में एक एजेंट का नाम भी सामने आया है।

बुक पैलेस और बुक पब्लिशर्स के बीच दलाली करता था

यह एजेंट न्यू राधिका बुक पैलेस और बुक पब्लिशर्स के बीच दलाली करता था। जैसे से साठगांठ के बाद बुक पैलेस के संचालक उसे इसकी जानकारी देते थे, जिसके बाद एजेंट दिल्ली, नोएडा और आगरा में बुक पब्लिशर्स से मिलता था। जिसके बाद फर्जी आईएसबीएन नम्बर की किताबें छपवाई जाती थी। इसमें एजेंट को जहां मोटा कमीशन मिलता था, वहीं बुक पब्लिशर्स और बुक पैलेस संचालकों को भी काफी मुनाफा होता था।

प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी पुलिस को पता चला है

पुलिस के अनुसार मामले में पुलिस ने उक्त एजेंट को भी आरोपित बनाया है। उसकी तलाश की जा रही है।बुक कम होने पर बुक पैलेस के संचालक एजेंट के माध्यम से लोकल प्रिंटिंग प्रेस में भी वैसे ही किताबे छपवाते थे। उक्त प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी पुलिस को पता चला है, जिसके बाद बेलबाग पुलिस की टीम प्रिंटिंग प्रेस के संचालकों को तलाश रही है।

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