
जबलपुर। पत्नी की हत्या कर शव को बांध में फेंकने वाले पटवारी रंजीत मार्को को जबलपुर जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस जघन्य कृत्य के लिए आरोपी को धारा 302 में आजीवन कारावास तथा धारा 201 में 5 साल के सश्रम कारावास के साथ कुल 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला वारदात के 19 महीने बाद आया है। आरोपी रंजीत मार्को डिंडौरी जिले की शहपुरा तहसील में पटवारी पद पर पदस्थ था। उसने 22 अप्रैल 2024 की रात अपनी पत्नी सरला मार्को (29) की डेढ़ साल के बेटे के सामने गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह शव को बाइक से बांधकर लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित सीतापुर बांध ले गया और पानी में फेंक दिया। अगले दिन वह थाने पहुंचकर पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने लगा।
शुरुआती जांच में पुलिस को रंजीत का सामान्य व्यवहार संदिग्ध लगा। पूछताछ के दौरान वह लगातार बयान बदलता रहा और अंततः जुर्म कबूल कर लिया। 26 अप्रैल 2024 को पुलिस ने बांध से महिला का शव बरामद कर लिया था।रंजीत और सरला की मुलाकात 2019 में इंदौर में पढ़ाई के दौरान हुई थी। 2021 में दोनों ने शादी की थी। शादी के कुछ समय बाद ही उनके रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। 2023 में बेटे के जन्म के बाद विवाद और बढ़ गए थे। घटना से एक सप्ताह पहले भी पति-पत्नी के बीच मारपीट हुई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अभिषेक दीक्षित ने सशक्त पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश मातादीन रजक की अदालत ने मामले को जघन्य मानते हुए सजा सुनाई।
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